September 26, 2021

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उत्तराखंड का सबसे प्रदूषित पहाड़ी शहर

उत्तराखंड का सबसे प्रदूषित हिल सिटी है ये ! बिगड़ी आवोहवा !

नैनीताल- हल्द्वानी- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की ओर नैनीताल में लगाए गए पहले एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम का पहला डाटा जारी किया गया है. जिसमें नैनीताल की हवा में पार्टिकुलेट मैटर यानि पीएम 10 की मात्रा 84.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई है, जो कि शिमला से ढाई गुना अधिक प्रदूषित है.

नैनीताल पालिका के बगल में मैदान और पार्किंग स्थल होने से पीएम-10 आंकड़े गड़बड़ा सकते हैं. इसलिए पीसीबी इसे शिफ्ट करने जा रही है. विशेषज्ञों की माने तो, इस बार बारिश-बर्फबारी में कमी से शहर में पीएम-10 का लेवल बढ़ा है. पीसीबी के मुताबिक नैनीताल में बीचों-बीच उड़ने वाली धूल से भी हवा प्रदूषित हुई है.

इसके अलावा पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है, कि पीएम-10 को रेस्पायरेबल पार्टिकुलेट मैटर भी कहते हैं. इसमें धूल, मिट्टी और धातु के छोट-छोटे कण शामिल होते हैं. ये कण स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं. जब इन कणों का स्तर हवा में बढ़ जाता है, तो सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन होने लगती है.

पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरके. चतुर्वेदी ने बताया, कि नैनीताल में एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन लगाने के बाद ट्रायल के रुप में हवा की गुणवत्ता परखी गई. सिस्टम काफी अच्छे से काम कर रहा है.

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