February 25, 2021

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नैनीताल के युवाओं के टूट रहे हैं “स्वरोजगार” के सपने !

उत्तराखंड-नैनीताल- लॉकडाउन में गांव लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लक्ष्य 150 से बढ़ाकर 250 कर दी है. नैनीताल में अभी तक केवल 59 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त हुआ है. बैंकों की बेपरवाही, नियमों की उलझन और सहयोगी विभागों के असहयोग से 46% आवेदन लंबित पड़े हैं. जिसके चलते युवाओं को हर रोज बैंक के कई चक्कर काटने पड़ते हैं. इन सब से परेशान युवा अब उद्दयोग लगाने की इच्छा ही छोड़ चुके हैं. नैनीताल में ऐसे कई मामले हैं, जहां इन युवाओं को कई ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

नैनीताल के युवाओं टूट रहे हैं "स्वरोजगार" के सपने
फाइल फोटो- नैनीताल के युवाओं टूट रहे हैं स्वरोजगार के सपने

केस 1- नियमों में उलझे आवेदन ओलखकांडा ब्लॉक के 30 वर्षीय भूपाल सिंह नौला तीन साल से गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे. जिसके बाद लॉकडाउन के चलते उन्हें मार्च 2020 में गांव लौटना पड़ा. भूपाल सिंह ने पोल्ट्री फार्म के बिजनेस के लिए 8 लाख का प्रोजेक्ट बनाकर उद्दयोग विभाग को दिया. मंजूरी मिलने के बाद फाइल नैनीताल बैंक में अटकी है. जानकारी के मुताबिक जमीन भूपाल सिंह के नाम पर न होने के चलते बैंक ने आवेदन को स्वीकृति नहीं दी.

केस 2- बिजली विभाग का असहयोग कोटाबाग के 30 वर्षीय ध्यान सिंह को जनरल स्टोर ओर चक्की लगाने के पांच के प्रोजेक्ट कोअगस्त 2020 में मंजूरी मिल गई थी. गांव में बिजली की छोटी लाइन है. 3 केवीक्षमता के कनेक्शन के लिए 32 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने की जरुरत है. जिसके लिए ऊर्जा निगम 41 हजार रुपये की मांग कर रहा है. जिसके चलते 4 महीने से ये प्रोजेक्ट अटका हुआ है.

 बैंकों की बेपरवाही, नियमों की उलझन और सहयोगी विभागों के असहयोग के चलते  छोड़ा उद्दयम का विचार
बैंकों की बेपरवाही, नियमों की उलझन और सहयोगी विभागों के असहयोग के चलते छोड़ा उद्दयम का विचार

केस 3 – बैंको से सहयोग न मिलने पर, छोड़ा उद्दयम का विचार कोटाबाग के 54 वर्षीय हर्ष सिंह के बेटे जीवन और धन सिंह मुंबई में होटल की नौकरी छोड़कर मार्च 2020 में लॉकडाउन के चलते गांव लौटे. दोनों ने बकरी पालन, पोल्ट्री के लिए ढाई लाख का प्रोजेक्ट बनाकर आवेदन किया. उद्दयोग केंद्र फाइल बैंक में न पहुंचने की बात कह रहे हैं. दो महीने तक धक्के खाने के बाद दोनों ने उद्दयम का विचार ही छोड़ दिया.

महाप्रबंधक उद्दयोग विपिन कुमार ने बताया, कि 95 प्रतिशत आवेदन बैंक जा चुके हैं. 13 प्रवासियों समेत 147 युवाओं को लोन मिल चुका है. आवेदन जल्द निस्तारित कराने के लिए बैंको से संपर्क किया जा रहा है.

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