उत्तराखंड- हल्द्वानी लाइव –  पर्यटकों के लिए एक खुशखबरी है। मतलब जो लोग हमारे खूबसूरत उत्तराखंड घूमने आने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन कोरोना की गाइडलाइन के चलते मन मसोस कर रह जा रहे थे। वो लोग अब अपनी पैकिंग शुरू कर दें। हां भई,अब राज्य सरकार ने पर्यटकों के लिए बंपर छूट दे दी है।

दरअसल अनलॉक 4 में भी राज्य सरकार ने उत्तराखंड आने-जाने वालों के लिए कई तरह के कड़े नियम जारी कर रखे थे। लेकिन चूंकि गर्मी के मौसम में देश और दुनिया से पर्यटक हर साल उत्तराखंड की सैर पर आते थे, वो इस बार कोरोना की भेंट चढ़ गया। चार धाम यात्रा अभी चल रही है। यात्राी सीजन पर तमाम पहाड़ी क्षेत्रों की आजीविका टिकी रहती है। जो हर साल इन्हीं पर्टकों के आने की आस लगाए रहते हैं। लेकिन इस बार कोरोना ने पूरे पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ कर रख दी। इसी को देखते हुए अब सरकार थोड़ा संजीदा दिखाई पड़ रही है।

उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को अब तक उत्तराखंड घूमने आने पर तरहब तमाम तरह की पाबंदियों और दिशा निर्देशों का पालन करना पड़ रहा था। लेकिन अब सरकार ने पर्यटकों को इन नियमों में भारू छूट प्रदान की है। अब उत्तराखंड घूमने आने वाले सैलानियों के लिए आरटीपीसी जांच रिपोर्ट साथ लाना जरूरी नहीं होगा। इस संबध में दिशा-निर्देशों में शासन ने संशोधन किया है।

राज्य के प्रमुख सचिव ओम प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया है – कि

* उत्तराखंड के किसी होटल या कमरे में ठहरने से पहले पर्यटकों को अब अनिवार्य रूप से अपनी कोविड -19 जांच रिपोर्ट देने की जरूरत नहीं

* होटल या होमस्टे में न्यूनतम दो दिन रहने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है।

ये करना ज़रूरी होगा –  

* नये आदेश बीते बुधवार से लागू हो चुके हैं। संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत * परिवहन के किसी भी माध्यम से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को अभी भी अपनी यात्रा से पहले सिटी वेब पोर्टल पर पंजीकरण कनाना ज़रूरी होगा।

* इसके अलावा होटल, रेस्तरां, के लिए थर्मल स्कैनिंग, सैनिटिजेशन और दूसरे निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना ज़रूरी होगा।

* यदि की पर्यटक कोविड-10 से पीड़ित मिलता है तो होटल प्रबंधन जिला प्रशासन को इसकी सूचना तत्काल देगा।

* होटल प्रबंधन और होम-स्टे मालिकों को केंद्रीयगृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही पर्यटकों की समय समय पर रैंडम कोविड-19 जांच करवानी होगी।

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