हल्द्वानी लाइवकौन बनेगा सांसद – मैच जीतने की जुगत में धुरंधर जुट चुके हैं। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव की सबसे अहम सीट है कुमांऊ की नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट। दरअसल इस हॉट सीट पर कौन बनेगा सांसद का खेल शुरू हो चुका है। खेल भी पक्ष-विपक्ष के दो दिग्गजों के बीच। जो अब हारी हुई बाजी को जीतने की जुगत में रात-दिन एक किये हुए हैं। जी हां आपने बिल्कुल सही सोंचा। अल्मोड़ा विधान सभा चुनाव हारने वाले पूर्व भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट और दूसरे खिलाड़ी हैं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री जो हरिद्वार देहात और किच्छा विधान सभा चुनाव हारने वाले हरीश रावत। दोनों के बीच सियासी जंग तेज़ हो चुकी है।

भट्ट का पलड़ा क्यों है भारी !

कौन बनेगा सांसद के इस खेल में पलड़ा फिलहाल तो अजय भट्ट का ही भारी दिखाई दे रहा है। दरअसल इसकी भी एक बड़ी वजह है। पहली वजह है अजय भट्ट के साथ केंद्र से लेकर राज्य सरकार के कद्दावर नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूरी जमात का एक साथ चुनाव प्रचार में जुटना।

और तो और खुद पीएम नरेंद्र मोदी भी उनकी जीत के लिए रुद्रपुर में आयोजित जनसभा में उन्हें जिताने की अपील कर चुके हैं।   https://www.facebook.com/TheMobileReporter/videos/2314148548911753/

अजय भट्ट का पलड़ा भारी होने की दूसरी सबसे बड़ी वजह है, कांग्रेस में सेंधमारी। जी हां लगातार एक के बाद एक कांग्रेस के तमाम छोटे बड़े नेता शहरी और ग्रमीण दोनों ही हाथ का दामन छोंड़ केसरिया कमल की सुंगध में बंधते जा रहे हैं।

अजय भट्ट का पलड़ा भारी होने की तीसरी सबसे बड़ी वजह है, बीजेपी के गेम प्लानर और संजीवनी कहे जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का उनके चुनाव प्रचार के लिए आना।

वहीं नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट पर कौन बनेगा सांसद के विपक्षी उम्मीदवार कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इस खेल में फिलहाल छोड़ा स्लो मोशन में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इसकी पहली वजह है इस हॉट सीट पर हरीश रावत के समर्थन में पार्टी के आला नेताओं की जनसभा का ना होना।

स्लो मोशन में बढ़ने की दूसरी बड़ी वजह है छोटे-बड़े स्तर पर कांग्रेसी नेताओं का हर रोज़ भाजपा में शामिल होना।

हालांकि जिस तरह से हल्द्वानी विधायक इंदिरा ह्रदयेश और उनके बेटे सुमित ह्रदयेश के बारे में उनके पक्ष में न खड़े होने की ख़बरों पर सुमत ह्दयेश ने विराम लगा दिया है। अब तक ये माना जा रहा था कि इंदिरा खेमा हरीश रावत के साथ नहीं है, लेकिन अब खुद सुमित ह्रदयेश मैदान में डोर-टू-डोर कैंपेनिंग में हरदा के लिए वोट मांगने जनता के बीच दिखाई पड़ने लगे हैं। ये हरीश रावत के लिए एक राहत भरी ख़बर है।

दरअसल चुनाव के इस खेल में कुछ भी असंभव नहीं, ठीक वैसे ही जैसा क्रिक्रेट के खेल में। कई अहम विकेट गिरने के बाद बाद भी चंद खिलाड़ी कभी-कभी हारा हुआ मैच भी जिता देते हैं।

बहरहाल हॉट सीट पर मुकावला बेहद रोमांचक होने वाला है। और इसे रोमांचक बनाएंगे हम और आप वोटगीरी करके। इसलिए हल्द्वानी लाइव आप सबसे अपील करता है कि चुनाव के रोज़ अपने-अपने शहर में ही रहें, छुट्टी मनाने कतई न जाएं, क्योंकि आपके एक वोट की कीमत हीरे-जवाहरात से कहीं ज्यादा है। जिसकी चमक आपको चुनाव परिणाम आने पर ही दिखाई देगी।     

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