उत्तराखंड- हल्द्वानी लाइव – कोरोना काल में राज्य के अंदर बेरोज़गारों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। कोरोना के चलते तमाम लोगों के रोज़गार छिन चुके हैं। जिस पर सरकार ने गंभीरता से चिंतन करते हुए काम करना शुरू कर दिया है। इसी प्रकिया में राज्य के नौजवानों को स्वरोज़गार मुहैय्या करवाने के लिए सरकार कई योजनाओं को अमली जामा पहनाने में लगी हुई है।

इन्हीं महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना । जिसे त्रिवेंद्र सरकार ने प्रदेश में लागू कर दिया है। राज्य की ऊर्जा सचिव राधिका झा ने सौर ऊर्जा को जारी करने के आदेश दिये हैं। सरकार की इस योजना के तहत पूरे राज्य में 25 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। जो कोरोनाकाल में अपने राज्य लोटे प्रवासियों के लिए स्वरोजगार पैदा करने की एक बेहतरीन योजना साबित होगी।

 योजना की रूप-रेखा –

  • कोई भी व्यक्ति 1.5 (डेढ़) से 2.5 (ढाई) लाख रुपए तक की पूंजी की व्यवस्था रखता है तो वह व्यक्ति सरकारके सहयोग से ये परियोजना लगा सकता है।
  • परियोजना की लागत अनुमानित 10 लाख रुपे
  • योजना के तहत परियोजना लागत की 70 फीसदी राशि राज्य और ज़िला सहकारी बैंक से 8 फीसदी ब्याज़ की दर से ऋण के तौर पर लेने की सुविधा है।
  • लोन अदा करने की तय समय सीमा 15 साल है।
  • लंबी लोन समय सीमा परियोजना लगाने वाले व्यक्ति को लोन की कम मासिक किस्त की सुविधा देगी , ताकि उस पर आर्थिक बोझ न पड़े।
  • बाकी की बटी 30 फीसदी मार्जिन मनी पर भी सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा।
  • सीमांत ज़िलों में ये अनुदान 30 फीसदी तक होगा।
  • पर्वतीय जिलों में ये अनुदान 25 प्रतिशत और बाकी के दूसरे ज़िलों में 15 प्रतिशत तक होगा।
  • मार्जिन मनी पर ही अनुदान की ये राशि मिलेगी।
  • भूपर्वितन के बाद मोर्टगेज के लिए वसूली जाने वाली स्टांप ड्यूटी भी मॉफ कर दी गई है।
  • ये स्टाप ड्यूटी, लोन राशि का 7 फीसदी लिया जाता है जो तकरीबन 49 हजार रुपे है।
  • इस स्वरोज़गार योजना के तहत 10 हज़ार युवों को रोज़गार देने का लक्ष्य रखा गया है।

कब कर सकेंगे आवेदन

  • मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना के लिए आप अक्टूबर महीने से ऑन-लाइन आवेदन कर सकेंगे। ये आवेदन मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की बेबसाइट पर किये जा सकेंगे। जिसके लिए आपको 500 रुपे फीस के तौर पर चुकाने होंगे। ये भुगतान निदेशक उरेडा के पक्ष में बैंक ड्रॉफ्ट के ड़रिए किया जा सकेगा।

ऐसे बढ़ा योजना का दायदा-

पहाड़ी क्षेत्रों में 63 केवी या उससे अधिक की क्षमता के लिए ट्रांसफार्मर से एरियर दूरी तय होने का अब अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। मैदानी इलाकों में ये एरियर दूरी 100 मीटर रखी गई है।

आवेदनों की होगी जांच –

जो भी आवेदन इस स्वरोजगार योजना के तहत किये जाएंगे, उनके लिए ज़िला स्तर पर तकनीकी समिति का गठन होगा। यह समिति आवेदनों की जांच करेगी। जिला उद्धोग केंद्र के महाप्रबंधक की अध्यक्षता में में ये गठन समिति काम करेगी। जिसमें यूपीसीएल, ज़िला सहकारी बैंक और उरेडा के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जो तकनीकि रूप से सही पाये गये आवेदनों को स्वीकृति, ज़िलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी।        

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