#HaldwaniLive बेटी आलिया अब करीब 22 साल की हो चुकीं हैं…सुहैब इलियासी और अंजू की जिंदगी बेटी आलिया के जन्म लेने के बाद अब थोड़ी-थोड़ी पटरी पर आना शुरू हो चुकी थी।  बेटी के आने बाद सुहैब के सितारे चमकने को बेताब हो रहे थे….दरअसल बेटियां होती ही ऐसी हैं…जहां भी जिस भी जगह हों…वो जगह खुद-व-खुद रौशन हो जाती है…लेकिन बदनसीब सुहैब इलियासी खुदा की इस मेहर का अंदाज़ा भी न लगा सका। कामयाबी उसके घर दस्तक देने को बेताब थी…पत्रकारिता का कोर्स कर चुके इलियासी के दिमाग में काम को लेकर बहुत कुछ चल रहा था। और तभी सुहैब और अंजू की जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ कि देखते ही देखते सब कुछ बदलता चला गया। 

इंडियाज़ मोस्ट-वांटेड प्रोग्राम की बुनियाद और एंकरिंग का खेल

जब अंजू और सुहैब लंदन में थे, तो दोनों काम को लेकर बेहद संजीदा थे। जानकारी के मुताबिक उसी वक्त सुहैब इलियासी के दिमाग में सुपर-हिट क्राइम शो “इंडियाज़-मोस्ट-वांटेड” का आइडिया आया। सुहैब का ये आइडिया ब्रिटेन के ही एक क्राइम-शो CRIMESTOPERS से प्रभावित था। सुहैब और पत्नी अंजू के बीच इस आइडिया को लेकर चर्चा हुई और क्राइम शो का नाम #IndiasMostWanted तय हुआ…ये भी तय हुआ कि शो की एंकरिंग अंजू करेंगी। सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था…इंडियाज़ मोस्ट-वांटेड नाम के क्राइम शो के पायलट की शूटिंग शुरू हुई…पत्नी अंजू ने पहले से ही तय प्रोग्राम के मुताबिक शो की एंकरिंग की। लेकिन सन् 1998 में जब ये शो एक निजि टीवी चैनल पर ऑन-एयर हुआ तो इस देखकर सुहैब-इलियासी की पत्नी दंग रह गईं। शो की एंकरिंग खुद इलियासी कर रहा था। इस वाक्ये से आहत होकर एक बार फिर अंजू – इलियासी को छोड़कर कनाडा चलीं गई…

और अपनी बहन के साथ वहां रहने लगीं। इस सबके बाद , जानकारी के मुताबिक सुहैब अक्टूबर 1998 में पत्नी से मिलने कनाडा पहुंचे। पत्नी अंजू की तमाम मिन्नतें कीं, कि वो वापस भारत लोट चलें। ये वो वक्त था जब सुहैब का क्राइम शो इंडियाज़ मोस्ट-वांटेड देशभर में हिट हो चुका था। लोग इसे देखने के लिए इंतज़ार करते थे। कामयाबी मिलते ही इलियासी ने अपनी सॉफ्टवेयर फर्म का नाम बदल लिया और इसे एक नया नाम दिया। नाम रखा आलिया-प्रोडक्शन…ये नाम था अंजू और इलियासी के बेटी का …शायद इलियासी अब समझ चुके थे, कि उनकी जिंदगी के सितारे उनकी बेटी  की ही वजह से ही बुलंदियों को छू रहे थे। आलिया प्रोडक्शन नाम की इस प्राइवेट कंपनी में पत्नी अंजू को सुहैब ने 25 फीसदी देकर उन्हें किसी तरह मना लिया।

मुहब्बत में भरोसा टूटने के बाद भी, एक बार फिर सुहैब पर भरोसा कर पत्नी अंजू फरवरी 1999 में वापस इंडिया लौंटी। दिल्ली पहुंचते ही अंजू ने मयूर विहार इलाके के एक मंहगा फ्लैट खरीदा…उस वक्त उसकी कीमत थी करीब डेढ़ करोड़ रुपए। अंजू ने इस फ्लैट को खरीदकर इसमें अपने मन के मुताबिक इंटीरियर करवाया , जिसे करवाने में ही करीब 10 महीने लग गये। जब घर पूरी तरह से सज गया तो दिसंबर 1999 में अंजू पति सुहैब-इलियासी के साथ इस फ्लैट में शिफ्ट हो गईं।

अंजू और सुहैब दोनों ने घर में एक बड़ी पार्टी करने का प्लान बनाया,क्योंकि अगले ही महीने यानी 16 जनवरी को अंजू का 30वां वर्थ-डे आने वाला था।दोनों ही बेहद खुश थे…लेकिन तभी कहानी में एक और यू-टर्न आ गया…

रहस्मयी यू-टर्न

16 दिसंबर को 30वें जन्मदिन को मनाने के लिए अंजू जोर-शोर से लगीं थीं…कि अचानक जन्मदिन से 6 दिन पहले ही 10 जनवरी सन् 2000 को खुशनुमा माहौल को मानों किसी की नज़र लग गई। सुहैब इलियासी की पत्नी अंजू को इस रोज़ बुरी तरह जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मामला पुलिस तक पहुंचा…लेकिन उस वक्त अपने क्राइम-शो इंडियाज़ मोस्ट-वांटेड के चलते सुहैब इलियासी की पुलिस महकमें में खूब चलती थी…लिहाज़ा सुहैब ने इसका पूरा फायदा उठाया…सुहैब ने पुलिस को बयान दिया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहा-सुनी हो गी थी…जिसके बाद अंजू ने खुदकुशी करने की कोशिश की और खुद पर ही चाकुओं से एक के बाद एक कई बार कर खुद को जख्मी कर लिया। लेकिन चाकू के जख्म इतने गहरे थे कि ज्यादा खून बहने से अंजू को बचाया नहीं जा सका।

उधर पुलिस अंजू की ओटॉप्सी और फॉरेंसिक करवा चुकी थी…वहीं अंजू के माता-पिता ने भी  किसी पर शक ज़ाहिर नहीं किया…बहरहाल पुलिस की नज़रों में सुहैब साफ बच निकला । अब पुलिस की जांच अंजू के खुदकुशी करने की थ्यौरी पर चल रही थी। लेकिन इसी बीच अंजू की बड़ी बहन रश्मि कनाडा से भारत पहुंची और पुलिस को एक के बाद एक कई चौंकाने वाली बातें बताकर सन्न कर दिया। और अंजू की मौत पर चल रही पुलिस जांच को एक नई दिशा दी और केस ने एक नया मोड़ ले लिया।

दरअसल इलियासी से अनबन होने पर अंजू कानाडा में अपनी बड़ी बहन रश्मि के साथ जाकर रहने लगी थी…इसी दौरान अंजू ने बड़ी बहन को पति लियासी के बारे में तमाम चौंकाने वाली बातें बताईं।

By-Google
फाइल-फोटो

कनाडा में रहने वाली अंजू की बहन रश्मि उस वक्त पेशे से टीचर थीं…और चाकों के बार से लहूलुहान अंजू ने गहरे ज़ख्मों के बाद भी अपनी इसी बहन को आख़िरी फोन कॉल की थी…मौत से पहले अंजू ने बहन रश्मि को किये इस इक फोन-कॉल में सुहैब इलियासी की हर वोकाली करतूत बता दी जो उसे सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए काफी थी। रश्मि ने बहन के क़ातिल को पकड़वाने के लिए पुलिस को अंजू की वो डायरी भी दी जिसमें अंजू ने सुहैब के बारे में लिखा था। और इसी के पास सुहैब-इलियासी के बुरे दिन शुरू हो गये। खुदकुशी की थ्यौरी अब पलट चुकी थी अब खुद पुलिस को भी यकीन हो चला था कि सुहैब-इलियासी ही पत्नी अंजू का हत्यारा है। वहीं अंजू के मां-पिता को भी बेटी के क़त्ल में सुहैब का हाथ होने पर भरोसा हो चुका था। लेकिन इस केस में सबसे अहम बात है पुलिस की भूमिका की…क्योंकि जिस वक्त क़त्ल की ये वारदात हुई और जिसके खिलाफ आरोप लगे …उसकी पुलिस महकमें में ऊंचा रसूख़ था…लेकिन सच्चाई तो सच्चाई है…मामले की जांच में लगे अफसरों ने केस की निष्पक्ष जांच करके उसे अपने मुकाम तक पहुंचाया। भले ही हमाje Justice System कछुए की चाल चलने वाला हो…लेकिन सुहैब को जिस तरह से पत्नी अंजू के क़त्ल के आरोप में उम्र-कैद की सजा सुनाई गई …वो लोगों में भरोसा पैदा करेगी कि कानून में देर तो है लेकिन अंधेर नहीं।

लेकिन इस पूरे मामले में आज भी वो सच सामने नहीं आ सका है कि आख़िर सुहैब-इलियासी को अपने ही हाथों अपनी मुहब्बत को क्यों मिटाना पड़ा…और क्यों उस पत्नी का क़त्ल किया जो भरोसा टूटने बाद भी हर बार मुहब्बत की ख़ातिर सुहैब के साथ वापिस खिंची चली आई…ये जानते हुए भी सुहैब की मुहब्बत में बफ़ा नहीं सिर्फ बेवफाई थी।

Share, Likes & Subscribe