प्यासे विश्व की पुकार : इस मासूम ने समझा नैनी झील का दर्द

Smirti Pande , Student , ST. Marry's Convent , Nainital
छोटी उम्र – लंबी छलांग – स्मृति पांडे , छात्रा, सेंट मैरी कांवेंट , नैनीताल

रामनगर #BolNainitalBol अपने नैनीताल ज़िले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है…जहां चाह वहां राह…ये वो कहावत है, जिसे हमारे ज़िले के होनहार बच्चे, नौजवान और उम्रदराज़ लोग अपनी प्रतिभा के दम पर चरित्रार्थ कर सबको हैरान कर रहे हैं…

#HaldwaniLive ऐसी ही बहुमुखी प्रतिभाओं से संपन्न हुनरमंदों को देश और दुनिया के सामने लाने की एक कोशिश कर रहा है…आज आपको 8वीं में पढ़ने वाली एक ऐसी ही बच्ची से हम रूबरू करवा रहे हैं…नाम है स्मृति पांडे… जिस उम्र में बच्चे खेलने कूदने में मग्न रहते हैं…उस उम्र में स्मृति वो कर रही हैं, जिसे लोग तमाम तर्ज़ुवा लेकर भी हासिल नहीं कर पाते…

स्मृति नैनीताल के सेंट मेरी कांवेट में 8वीं क्लास में पढ़ती हैं…लेकिन स्मृति एक शौक उन्हें तमाम हमउम्र बच्चों से बेहद अलग और ख़ास बना देता है…दरअसल जिस उम्र में बच्चियां गुड्डे-गुडियों के खेल में मशगूल रहती हैं उस उम्र में मासूम स्मृति रंगमंच की बारिकियों को सीख रही हैं…लेकिन इससे भी अलग स्मृति ने सीखी हैं फिल्म मेकिंग की बारीकियां… स्मृति के इस अनूठे शौक के चलते उन्हें राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हिस्सा लेने का आमंत्रण मिला है…लेकिन इस मंजिल तक पहुंचने के लिए इस बच्ची ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े नहीं  कर पाते।

दरअसल नैनीताल के सेंट मेरी कांवेंट में पढ़ने वाली स्मृति ने एक लघु फिल्म का निर्माण किया… फिल्म का टाइटल है प्यासे विश्व की पुकार इस फिल्म का चयन राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिए हुआ है। लेकिन इस लघु फिल्म को बनाने से पहले स्मृति ने बाकायदा फिल्म बनाने के गुर और बारिकियों की ट्रेनिंग ली… नैनीताल में रचनात्मक शिक्षक मंडल बच्चों के लिए हर साल तमाम तरह की कार्यशालाओं का आयोजन करता है… नवेंदु मठपाल रचनात्मक शिक्षक मंडल के सदस्य हैं…जो स्मृति के बारे में बताता हुए कहते हैं कि उसमें सीखने की लगन दूसरे बच्चों से कहीं ज्यादा है…जो उसे उसके हम उम्र बच्चों से बेहद लग बना देती है…मठपाल जी बताते हैं कि पिछले साल सुदर्शन जुयाल जी के निद्रेशन में फिल्म मेकिंग की एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था…बस उसी कार्यशाला में स्मृति ने भी ट्रेनिंग ली…और सुदर्शन जुयाल जी के निर्देशन में प्यासे विश्व की पुकार नाम की लघु फिल्म का निर्माण किया…जिसके बाद स्मृति की लघु फिल्म का चयन राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिए हुआ…

दरअसल भारत सरकार के द्वारा खास तौर पर छात्र-छात्राओं के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान प्रसार नेटवर्क बच्चों को विज्ञान से संबधित फिल्में बनाने के लिए प्रेरित करता है…जो बच्चे लघु फिल्मों का निर्माम करते हैं… उन फिल्मों की स्क्रीनिंग विज्ञान प्रसार नेटवर्क करता है…और स्क्रीनिंग के बाद ही राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में फिल्म को प्रसारित करने का मौका मिलता है… स्मृति को भी ये मौका हासिल हुआ है उनकी लगन और कड़ी मेहनत के बाद…अगले महीने फरवरी में गुवाहटी में राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव होना जहां पर “प्यासे विश्व की पुकार” को  प्रसारित  किया जायेगा… दरअसल फिल्म का जो शीर्षक है वो खुद ही ये बताने के लिए काफी है कि अपने नैनीताल शहर में जो पानी की किल्लत हो रही है…झील तेजी से सूख रही है…ऐसा सिर्फ हमारे अपने शहर में ही नहीं हो रहा है…बल्कि दुनिया में पानी के लिए हा-हा-कार शुरू हो चुका है…कहने का मतलब ये है कि इंसान की सोच ऊंची होनी चाहिए…जो कि स्मृति ने कम उम्र में ही हासिल कर ली है…

ST. Mary’s Convent , Nainital  में 8वीं क्लास में पढ़ रहीं स्मृति बहुमुखी प्रतिभा से संपन्न हैं… पिछले साल ही स्मृति ने अपने शहर में पानी के हालात को देखते हुए जल संरक्षण में शोध प्रस्तुत किया था…जिसे पुणे में आयोजित राश्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में पढ़ने का स्मृति को मौका मिला…जहां स्मृति ने अपने शहर नैनीताल के नाम को रौशन किया…उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की बाल वैज्ञानिक का सम्मान हासिल करके…

#HaldwaniLive परिवार की ओर से स्मृति को ढेर सारी बधाई, साथ ही सेंट मैरी कांवेट के शिक्षकों समेत नवेंदु मठपाल और सुदर्शन जुयाल जी को भी हार्दिक बधाई और धन्यवाद…जो बच्चों में समाज के प्रति जागरूक और सजग रहने की प्रेरणा पैदा कर रहे हैं…

दाज्यू … हम और आप भी कुछ सीख लें स्मृति से … शहर में पानी की बर्वादी, संरक्षण, सफाई और पर्यावरण पर सप्ताह में अपने खूबसूरत शहर को एक दिन तो दे ही सकते हैं न… सोचने का वक्त बीत चुका है… अब हर हाल में हम सबको अपने खूसूरत झीलों के शहर को बचाना ही होगा…                    

NOTE : अगर आपके आस-पास या फिर आपके ही घर में कोई प्रतिभा छुपी है, तो उसे बाहर निकालिए…हमें Whatsapp कीजिए … 9759736709 पर … HaldwaniLive उनकी प्रतिभा को देश और दुनिया के सामने लायेगा…  

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One thought on “प्यासे विश्व की पुकार : इस मासूम ने समझा नैनी झील का दर्द

  • January 8, 2018 at 3:19 am
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    स्मृति को बहुत – बहुत बधाई और आशीर्वाद । बच्ची का भविष्य उज्ज्वल हो । निस्संदेह इस प्रतिभाशाली बच्ची ने जो किया वह बड़े – बड़े नही कर पाते । स्मृति से सीखने की जरूरत है सभी को ।

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