Gujarat couple die in a road accident
कार हादसे में गुजरात के “पति-पत्नी” ने खोई ज़िंदगी

रामनगर #HaldwaniLive कहते हैं इंसान की जिंदगी की डोर ऊपर वाले के हाथ में है…कटु सत्य तो यही है…क्योंकि जिंदगी में तमाम बार ये कटु सत्य महसूस कर चुका हूं…उसकी मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता…उसने हमें इस दुनिया में रहने के लिए जितनी सांसे दी हैं…ये उसकी इनायत है…लेकिन उसका बुलावा कब आयेगा इसकी किसी को कानों-कां ख़बर तक नहीं होती…

कुछ ऐसा ही हुआ गुजरात के नाडियाड के रहने वाले डॉ. शांति स्वरूप और उनकी पत्नी किशनू सतरिया के साथ…गुजरात का रहने वाला ये जोड़ा काशीपुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां घूमने आया था…जब गुजरात ये काशीपुर के लिए ये जोड़ा निकला तो बेहद खुश था…तमाम अरमान थे मन में…काशीपुर में इनके रिश्तेदार खुश थे कि चलो बहुत दिनों के बाद दोनों घूमने  रहे हैं…लेकिन काशीपुर की ये यात्रा गुजरात के रहने वाले इस जोड़े की अंतिम यात्रा होगी, इस बात का अंदाज़ा किसी को भी न था…

दरअसल अपनी रिश्तेदारी में गुजरात से घूमने आये डॉ. शांति स्वरूप और उनकी पत्नी किशनू सतरिया और रिश्तोदारों का मन नैनीताल घूमने का हुआ…सभी एक साथ अलग-अलग गाडियों में नैनीताल घूमने निकल गये… Nainital घूमने के बाद बुधवार …देर शाम ये सभी अर्टिगा से वापस काशीपुर के लिए लौट पड़े…लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था…रात करीब साढ़े 8 बजे डॉ. शाति स्वरूप की अर्टिगा कार नंबर 18 E – 7555  … बैलगढ़ गांव के करीब बालू मंदिर के पास पहुंच चुकी थी…लेकिन तभी तीव्र मोड़ आने पर कार चला रहा शख्स अचानक अपना नियंत्रण खो बैठा…और अनियंत्रित कार बराबर से बह रही सिंचाई नहर में जा गिरी…सर्द मौसम और रात के साढ़े 8 बजे कार और उसमें सवार 6 लोग सिंचाई नहर में डूब चुके थे…

 लेकिन इनके जानकारों की दूसरी कार इनसे पीछे ही थी…जिन्होंने कार को पलटकर सिंची नहर में गिरते देख लिया था…मौके पर पहुंचते ही कार के लोगों ने उतर कर शोर मचाना शुरू कर दिया…शोर सुनकर आस-पास के गांव वाले मदद के लिए आ पहुंचे…फौरन नहर से घायलों को ग्रामीणों की मदद से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया…लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी…काशीपुर की रहने वाले तेज प्रकाश पुत्र दूलचंद्र और उनकी पत्नी रश्मि अरोरा समेत गुजरात के नडियाड के रहने वाले डॉ शांति स्वरूप पुत्र राम रामजी दास और उनकी पत्नी किशनू सतरिया की सांसे थम चुकीं थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया …

जबकि इस दाहसे में गुजरात के ही चंचल मदान पत्नी बालकिशन गंभीर रूप से घायल हो गईं…जिनका इलाज चल रहा है…वहीं कार में सवार छठा नौजवान किस्मत से बच गया…या यूं कहें कि ऊपर वाले के वही खाते में उसकी सांसे अभी बाकी थीं…फिलहाल ये नौजवान भी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है…ख़बर लगते ही काशीपुर घर पर कोहराम मच गया…रिश्तेदार रामनगर अस्पताल आ पहुंचे…लेकिन भी सभी मृतकों का पोस्टमार्टम होगा…जिसके बाद ही उनके शव घरवालों को सौंपे जाएंगे…

एक हंसता खेलता परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया…लेकिन कार का पलटना कहीं न कहीं इशारा करता है कि कार की गति तेज़ रही होगी…ये सड़क हादसा हम सबके लिए एक चेतावनी है…कि खासतौर पर गाड़ी चलाते वक्त गति पर नियंत्रण रखें…ताकि जो परिवार हमारा इंतज़ार कर रहा होता है हम उस तक सकुशल पहुंचे…

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