NSUI के चुनाव में दिखी बदलती राजनीति…!

NSUI प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव संपन्न
NSUI प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव संपन्न

हल्द्वानी #BolUttarakhandBol अपने उत्तराखंड की राजनीति तेजी से बदल रही है…जिसका ताजा उदाहरण है #NSUI के चुनाव… चुनाव मैदान में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 4 और जिलाध्यक्ष पद के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में थे…

नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के जिलाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में बदलती राजनीति का चेहरा सामने आया है… कांग्रेस से जुड़े फ्रंटल संगठन एनएसयूआई के बुधवार को हुए मतदान में जितने वोटर थे, उनमें से आधे सदस्य भी वोटिंग करने तक नहीं पहुंचे…अपने पूरे प्रदेश से इन वोटरों की तादाद 2000 थी…जबकि मदतान करने महज़ 540 सदस्य ही पहुचे…अपने हल्द्वानी के हीरानगर के एक बैंक्वेट हाल में NSUI के ज़िलाध्यक्ष पद के लिए सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ था…जो शाम 7 बजे तक चला…लेकिन जिस तरह से चुनाव में पंजीकृत 2 हज़ार सदस्यों में से महज 540 सदस्य वोट देने पहुंचे…उसे देखकर साफ लगता है कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है…

लेकिन एनएसयूआई के इस चुनाव को कराने मध्य प्रदेश से पहुंचे जोनल रिटर्निंग ऑफिसर कौशल पंडित और अमेठी से प्रशांत त्रिपाठी हल्द्वानी में कई दिनों से ढेरा डाले थे…वहीं राष्ट्रीय सचिव सुम्लार भुल्लर भी चुनाव प्रकिया के लिए हल्द्वानी में हुए चुनाव के वक्त मौजूद थे…कम वोटरों के मदतान करने पर भुल्लर ने कहा कि चुनाव में कम वोटरों का पहुंचना परिक्षाओं के चलते हुआ…

#NSUISTATEPRESIDENT #एनएसयूआईप्रदेशअध्यक्ष पद के लिए मैदान में 4 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे…जिनमें अपने हल्द्वानी से सचिन जलाल, पिथौरागढ़ से दीपांशु वर्मा और देहरादून से मोहन भंडारी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी जताई थी…जबकि प्रदेश महासचिव और सचिव के 5 पदों पर 8 उम्मीदवारों ने दावेदारी जताई थी…

वहीं अपने नैनीताल के जिलाध्यक्ष पद के लिए विशाल भोजक, अरणव कंबोज व अजय शर्मा चुनाव मैदान में उतरे थे…लेकिन इस चुनाव के दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला…मदतान के दौरान जब वोटर वोट देने पहुंचे तो कुछ सदस्यों को रोक दिया गया…जिन सदस्यों को रोका गया उन्हें एनएसयूआई के कुछ सदस्यों ने #ABVP #एबीवीपी का सदस्य होने का आरोप लगाया और कहा कि ये लोग सालभर तक एबीवीपी के साथ नारेवाजी करते दिखे…और अब #NSUIMembership लेकर मतदान करने का हक जता रहे हैं…जो साफ करता है कि इस पूरे चुनाव में कहीं न कहीं कोई गड़बड़ी ज़रूर है…और यही वजह रही कि एनएसयूआई की सदस्यता के बावजूद उन सदस्यों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया…तो वहीं चंपावत में भी सदस्यता को लेकर झड़प होने की बात सामने आई…जिसके बाद चंपावत में जिलाध्यक्ष पद का चुनाव रोक दिया गया…जबकि अल्मोड़ा में पवन मेहरा, बागेश्वर में गोकुल परिहार और पिथौरागढ़ में हुए चुनाव में सूरज वल्दिया को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया…जबकि प्रदेश पदाधिकारियों का चुनाव परिणाम 26 जनवरी को घोषित किया जायेगा…

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