June 23, 2021

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सावधान ! सरोवर नगरी की हवा में घुल रहा है ज़हर !

नैनीताल- दुनिया में अपनी खूबसूरती की छटा बिखेर लोगों को आकर्षित करते नैनीताल की हवा में अब प्रदूषण का जहर घुल रहा है. पर्यटन स्थल होने के चलते यहां वाहनों की आवाजाही बढ़ती रहती है. हर वीकेंड में यहां 550 से अधिक क्षमता की तीन पार्किंग पैक हो जाती हैं. जिनमें 60 फीसद डीजल वाले वाहन होते हैं. पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं सरोवरनगरी की हवा को जहरीला बना रहा है.

शिमला से ढाई गुना प्रदूषित नैनीताल की हवा
फाइल फोटो- शिमला से ढाई गुना प्रदूषित नैनीताल की हवा

नैनीताल में पार्किंग के लिए तीन जगह हैं. डीएसए मैदान से लगी पार्किंग में लगभग 200, मैट्रोपोल में 350 और मल्लीताल कोतवाली के पास 20 वाहनों के पार्क करने की सुविधा है. कोरोना के चलते बीता साल छोड़ दिया जाए तो, यहां हर साल पार्किंग फुल रहती है. सीजन में पार्किग के अलावा सड़कों पर जाम जैसे हालात बन जाते हैं.

विशेषज्ञों की माने तो ऐसे हालातों के चलते ही इस बार जनवरी महीने में भी नैनीताल का तापमान काफी अधिक है. तो वहीं पीएम की मात्रा 84.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज हुई है. एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक नैनीताल की हवा अभी सेंकेंड लेवल पर है, जो कि थर्ड लेवल से केवल 15 एक्यूआई दूर है.

नैनीताल में साल भर पार्किंग स्थल रहते हैं फुल
फाइल फोटो- नैनीताल में साल भर पार्किंग स्थल रहते हैं फुल

नैनीताल आने वाले वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच नही की जाती, न ही यातायात पुलिस प्रदूषण जांचने वाले उपकरकण का इस्तेमाल करती है, जो कि सरोवर नगरी को प्रदूषित बनाने के लिए मुख्य कारण माने जा सकते हैं.

कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के प्राध्यापक प्रो. ललित तिवारी ने कहा, कि नैनीताल में वाहनों का दबाव बढ़ रहा है. जिसके चलते प्रदूषण भी बढ़ रहा है. पीसीबी रिपोर्ट इस बात को पुख्ता भी करती है. इसके अलावा यहां निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहे हैं. जिस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए. साथ ही शहर में दाखिल होने वाली गाड़ियों के प्रदूषण जांच की भी व्यवस्था करनी चाहिए.

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