दाज्यू को समझ आ गया…कि “नैनीताल” का बेड़ा गर्क़ कर दिया इन्होंने…!

नैनीताल का बंद बाज़ार
फड़-ख़ोखे हटाने की मांग को लेकर “नैनीताल” में बाज़ार रहे बंद

नैनीताल #BolNainitalBol अरे दाज्यू ये क्या … शहर में धारा 144 … ओह प्रशासन वालों ने अपने मल्लीताल पंत पार्क इलाके में ही धारा 144 लगवा दी… चलो एक बात अपने बाज़ार वाले व्यापारियों की पूरी हुई… कल के सारे मजमें के बाद कम से कम गुरुवार को तो पुलिस वाले हरकत में आये। फड़-खोखे तो नहीं लगने दिये न…

दाज्यू बुधवार वाला एपिसोड तो आपको बताया ही था न…अरे आप भी न शहर में रहते तो लेकिन ता-पता कुछ रहता नहीं है…अरे कल व्यापार मंडल वालों ने एसडीएं, पालिका ईओ और एएसपी साहेब को दबोच लिया थ… हां-हां कल बताया ठहरा …बस कल दिन उनका था… आज मौका लगते ही खेल कर दिया… पूरे शहर में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी न…अपने एडीएम साहब बीएल फिरमाल, एसडीएम अभिषेक रूहेला, सीओ-सिटी विजय थापा और एसपी सिटी हरीश सती सब डटे दिखाई दे रहे थे आज तो…

पता है दाज्यू, जब कल पालिका वाले ईओ शर्मा जी अपनी टोपी पुलिस वालों की तरफ घुमा दी थी और बेचारे एएसपी साहेब को जैसे तैसे जब अपना पीछा छुड़ाना पड़ा कि फड़-खोखे हटवाने के लिए पीएसी की व्यवस्था की जायेगी…तभी लग रहा था कि गुरुवार को पुलिस व्यवस्था अब कड़ी होगी..अरे वो ही हुआ भी…अपने व्यापारियों ने पंत पार्क से गुरूद्वारा इलाके तक फैले फड़-ख़ोखे वालों को हटाने के लिए बड़ा फैसला ले लिया कल…अपना जो व्यापार मंडल है उसने पूरे शहर के व्यापारियों से अपील कर दी बाज़ार पूरी तरह बंद की…बस फिर क्या था दाज्यू सारा शहर सूनसान … फ़िंजा खूबसूरत लग रही थी…अब देखो न अपना ये ख़ूसूरत शहर रोज कांय-कांय से कितना उकता जाता होगा…है कि नहीं…चलो एक दिन की छुट्टी तो नसीब हुई…शहर में घूमते हुए बड़ा सुकून मिल रहा था… अपने तल्ली से लेकर मल्ली तक, बड़ा बाज़ार तक सभी बाज़ार पूरी तरह बंद रहे…बैसे वो जो अपने निगम वाले ईओ रोहिताश शर्मा जी है…वोल रहे थे कि भई मैं तो आप लोगों के साथ हूं…हां कल के हाल सोंचकर आज हामी भर रहे होंगे  शर्माजी…हा-हा… वैसे एक बात तो अपने व्यपार मंडल की खास दिखी…सब एक साथ हैं 

व्यापारियों ने ईओ को बना लिया था बंधक
नगर पालिका के ईओ का घेराव करते व्यापारी

अब रहते भी क्यों न दाज्यू…बात शहर के जन-जीवन को चलाने वाले व्यापारियों की थी…देखा इसे कहते हैं एकता…एक अपील पर सारा बाज़ार बंद…लेकिन दाज्यू एक बात समझ मेरी आज तक नहीं आई…बता बेटा क्या…???

जब अपना शहर इतना ख़ूबसूरत है…नैनी झील है…नैना मां का मंदिर, सुकून देने वाला अपना गुरुद्वारा, अजान से सारा शहर को जगा देने वाली मस्जिद है …तो अपना ये शहर राज्य बनने से पहले कितना खूबसूरत रहा होगा…हां बेटा…हूं बूज़ू… बूजू  जब फड़-खोखे वालों को हटाने के लिए अपने बाज़ार वाले एक दिन पूरा बाज़ार बंद कर सकते हैं…तो क्या ये अपने शहर की सफाई…उसकी खूबसूरती के लिए एक दिन महीने में वैसे ही बाजार बंद नहीं कर सकते…ताकि अपनी हर रोज़ सवा एक इंच पानी का स्तर खो रही झील के लिए कुछ कर सकें….हां बेटा बात में तेरी दम तो है…पर … पर क्या बूजू.. सब पैसे की माया है बेटा…हूं…

व्यापारी खट-खटाएंगे न्याय का दरवाज़ा !
फ़ड़-ख़ोखे हटवाने के मामले में व्यापारी जाएंगे “हाई कोर्ट”

चलो छोड़ो अपने साथी तो कर ही रहे हैं न, ये सब…क्या उम्मीद करनी किसी से…अपना शहर है हमारा…अच्छा बूजू एक बात और बतानी थी…दरअसल ये पुलिस का भारी इंतजाम इसलिए और भी किया गया …क्योंकि अपने व्यापार मंडल वालों ने हाईकोर्ट कूच करने की चेतावनी दे दी थी…ओहो…तभी…और 

… पता है गुरूवार को अपने मल्लीताल का जो रामलीला मैदान है न…उधर व्यापारी भाईयों ने एक बैठक भी की…अच्छा…क्या बोल रहे थे…अरे बुज़ू क्या बोलेंगे…वो ही कि उन अधिकारियों का तबादला करो…जिन्होंने सारे शहर का बेड़ा ग़र्क कर दिया है…और तो और एक साथ सबने मिलकर इन अधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग भी की…

अच्छा…आज मालूम चला …ये … क्या  मासूम चला बूजू…अरे यही कि शहर का बेड़ा गर्क़ अधिकारियों ने किया…जैसे हम सब तो दूध के धुले हैं…हा-हा-हा…क्या बुज़ू नहले पे-दहला मारा आपने…अरे अपने गिरेवां में भी झांक के तो देखें सब…ऐसे कैसे कोई एक ज़िम्मेददार ठहरा…चलो छोड़ो न…कम से कम समझ में तो आया…न…कि शहर का बेड़ा ग़र्क़ हो रहा है…      

 

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