हर रोज़ सवा 1 इंच कम हो रहा है “नैनी झील” का जल-स्तर…अब भी वक्त है..!

Naini jheel losing its water level...
                      बचा लो मुझे – अगर ख़ुद आबाद रहना है…!

#HaldwaniLive #NainitalLive दोस्तों कुछ कहना और समझाना चाहता हूं कि अपने खूबसूरत #नैनीताल की हिफ़ाज़त करना शुरू कर दो, वरना बबहुत देर हो जायेगी…जिस सरोवर नगरी ने हमें आपको वो सबकुछ दिया जिसकी ज़रूरत थी, लेकिन हमने क्या दिया अपने इस बेपनाह-ख़ूबसूरत शहर को…सिर्फ कंक्रीट की ईमारतें…अनचाहा बोझ, ताबड़तोड़ हरे-भरे पेड़ों की कटाई और प्रदूषण…

दरअसल ये कमज़ोरी है हम इंसानों की …जब भी कोई चीज़ हमें फ्री में मिलती है, हम उसका इतना दोहन कर लेना चाहते हैं कि दूसरे के काम ही न आ सके…कुछ ऐसा ही हो रहा है हमारे अपने प्यारे झीलों के शहर नैनीताल के साथ…दरअसल पिछले कुछ सालों से पानी से लबा-लब भरी रहने वाली हमारी खूबसूरत नैनी झील हम इंसानों की बेकद्री का शिकार हो गई है…जिसके चलते लगातार झील में पानी का लेवल गिर रहा है…और तो और अब तो बारिश और #बर्फबारी तक वक्त पर नहीं हो रही…होगी भी कैसे दोस्तों…हम सब ही तो इसके ज़िम्मेदार हैं…

हालात अब बद् से बद्तर हो चले हैं…इस बार तो ठंड के मौसम में सरकारी अमले को अपनी नैनी झील की हालत देखते हुए ज़रा सख्त कदम उठाना पड़ा है…अब शहर के लोगों के लिए दो घंटा सुबह और दो घंटा शाम के वक्त पानी की रोस्टिंग शुरू कर दी गई है…

दरअसल पानी की कटौती का ये फैसला शहर के कलेक्टर दीपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई एक बैठक में लिया गया। क्योंकि सिंचाई विभाग ने आला अधिकारियों को आगाह कर दिया था…कि झील का जो लेवल है वो हर रोज़ करीब सवा-इंच कम हो रहा है…जानकारी लगते ही अधिकारियों ने मामले को पूरी संजीदगी से लिया…र हर रोज़ 4 घंटे पानी की रोस्टिंग शुरू कर दी। गर्मियों में पानी की यही रोस्टिंग 18 एमएलडी जबकि जाड़े के मौसम में 14 एमएलडी तक पानी की सप्लाई की जाती थी। लेकिन इस बार नैनी झील में तेजी से गिरते जल-स्तर के चलते अब 4 घंटे की रोस्टिंग कर सप्लाई को 12.50 एमएलडी तक पहुंचाने का टॉरगेट रखा है…जबकि अब तक करीब पौने 13 एमएलडी सप्लाई पहुंच सकी है।

जाड़े के मौसम में शहर में पानी की सप्लाई सुबह 4 बजे की जगह अब सुबह 6 बजे या दूसरे वक्त पर रोस्टिंग की जा रही है। जो हमें और आपको आने वाले ख़तरे से लगातार अगाह कर रही है, कि संभल जाओ वरना जिस ख़ूबसूरत शहर के नसीब से तुम दुनिया के नक्शे पर  गया…उसी की अनदेखी हम सबको पानी-पानी के ले तरसा देगी…उसी शहर में जिसे तालों की नगरी कहा जाता है।   

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