उत्तराखंड – काठगोदाम – हल्द्वानी लाइव, जिधर भी नज़र जाती है,कोरोना का कोहराम चारों ओर नज़र आता है। कोई कोरोना से जिंदगी खो रहा है, तो किसी का अपना बेरोज़गारी के चलते दम दोड़ रहा है ,तो कोई व्यापार में घाटे का दंश नहीं झेल पा रहा तो कोई लेनदारी-देनदारी और उधारी से इतना आजिज आ चुका है कि अपनी जीवन लीला ही खत्म करने पर उतारू है।

ऊपर लिखी चंद लाइनें किसी फिल्मी कहानी की पटकथा नहीं बल्कि कोरोनाकाल में चल रही इंसानी जिंदगी की हक़ीक़त है। हकीकत अपने हल्द्वानी के काठगोदाम के बद्रीपुरा में रहने वाले ठेकेदार अफसर हुसैन की । उम्र महज़ 38 साल । जिसने कर्ज़े -लेनदारी-देनदारी से तंग आकर, फेसबुक पर लाइव ज़हर खाकर खुदकुशी करने की नाकाम कोशिश की।

दरअसल कहानी दो दोस्तों के बीच पार्टनशिप से शुरू होती है। जैसे हम और आप दोस्तों के साथ मिलकर काम धंधा कर लेते हैं, वैसे ही काठगोदाम के रहने वाला अफसर हुसैन और उसका दोस्त भी पार्टनरशिप में होमस्टे का बिजनेस चला रहा था। कोरोना के लॉकडाउन से पहले ही अफसर ने दोस्त का घर बनाने का ठेका लिया था। लेकिन घर का लिंटर पड़ते ही दोस्ती में दरार आना शुरू हो गई। पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। अफसर ने आरोप लगाया है कि दोस्त पर उसका करीब 18 लाख रुपया बकाया है। लेकिन कई बार बोलने का बावजूद भी दोस्त उसका हिसाब नहीं कर रहा।

अफसर के घर वालों के मुताबिक अफसर मंगलवार के रोज़ दोस्त के घर पैसे लेने गया ,लेकिन दोस्त के घर पहुंचकर देखा कि किसी दूसरे ठेकेदार के लोग घर का काम कर रहे थे। इसी बात को लेकर दुश्मन बने दोनों दोस्तों के बीच बहस शुरू हो गई।

जो अफसर अपने दोस्त पर करीब 18 लाख का बकाया बता रहा था वो दोस्त कह रहा था कि महज 3 लाख रुपये के करीब उसकी देनदारी है।

बताया जा रहा है कि दोस्त के बीच हुई इस बहस के दौरान ही अफसर ने उसी के घर पर ज़हर खा लिया और सोशल मीडिया पर लाइव टेलिकास्ट शूरू कर दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद अफसर ज़मीन पर लुढ़क गया। जो लोग अइब तक उसे समझा रहे थे, सबसे पैरों तले ज़मीन खिसक गई। फौरन ही सब अफसर को बेस अस्पताल ले जाते हैं। जहां डॉक्टरों की कोशिश से उसकी हातल स्थिर बताई जा रही है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगले 72 घंटे अफसर की जिंदगी के लिए बेहद अहम हैं। कुछ दिनों पहले ही अफसर के घर बेटी ने जन्म लिया है, वहीं अफसर की पत्नी का कहना कि पति ने उसके गहने बेंचकर कर्ज लेकर दोस्त का घर बनवाया, लेकिन दोस्त ने दगा कर दिया। फिलहाल डॉक्टर उसकी जान बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन सबसे ताज्जुब की बात ये है, कि इलाके की पुलिस को ज़हर खाने का वीडियो वायरल होने के बाद भी इतनी बड़ी घटना की खबर नहीं मिली। जो हल्द्वानी पुलिस के काम काज के तरीके और लोकल इंटेलिजेंस पर भी सवाल खड़े करती है।   

Share, Likes & Subscribe