नैनीताल : और वो शहर से कुछ इस तरह हुए ग़ायब…!

नैनीताल #BolNainitalBol अरे दाज्यू अपने शहर से एक और अच्छी ख़बर आई है … सच में … हां … सच… अरे पूरे शहर की ख़ूबसूरती को इन विज्ञापन वाले बोर्डों ने छुपा रखा था…कई बार शिकायत की लेकिन किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी…लेकिन हाई कोर्ट के होने से कुछ तो अच्छा हो रहा है… सच में दाज्यू…

सोमवार की सुबह अचानक ही नगर पालिका की गाड़ियां मल्लीताल से तल्ली ताल तक शोर मचाती नज़र आ रही थीं…और उन पर चढें पालिका के कर्मचारी मशक्त करते नज़र  रहे थे… दरअसल सोमवार की सुबह पालिका की ओर से एक ख़ास मुहिम चल रही थी…पालिका की गाड़ियों पर चढ़े कर्मचारी सड़क किनारे लगे अवैध विज्ञापन बोर्डों को उखाड़ रहे थे…तब पूछने पर पता चला कि … दाज्यू आज तो पूरे शहर के उखाड़ देंगे … कसम से मन को बड़ा सुकून मिला…

सारे शहर का नाश कर दिया ठहरा…इन होर्डिंग वालों ने…जहां देखो सड़क किनारे पेंड़ से लटके ये दिखाई दे जाते थे…लेकिन वो कहते हैं साल में एक दिन घूरे के भी बहुरते हैं…सो इन होर्डिंग्स की सफाई भी कुछ सी तरह हो रही थी…दरअसल मान. सुप्रीम कोर्ट है न वहां से कई बार आदेश पारित हुआ…लेकिन कमीशखोरी और अंडर टेबल वालों ने सच में नरक मचा रखा था पूरे शहर में…कई बार समझाया गया…कि दाज्यू जिस-जिस के उखाड़ लो अपने आप…लेकिन अब वो कहते हैं न कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले ठहरे…बस फिर क्या सोमवार सुबह कि लातों वाले भूतों पर कहर टूट पड़ा…मान. हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अपनी नैनीताल नगर पालिका ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी… दाज्यू ये समझ लो कि हाईकोर्ट से नंबर लगा सड़क किनारे और पेड़ों पर लगे होर्डिंग्स को हटाने का…और फिर मालरोड का नंबर शुरू हुआ …

बेचारे दाज्यू वो तो तामाशा देख रहे थे…अरे कौन …अरे वो ही जिनके होर्डिंग्स लगे थे सड़क पर अवैध तरीके से… ओह…कसम से देखने लायक मुंह थे सबके…अपने ही शहर की खूबसूरती का नाश कर दिया ठहरा…ताबड़तोड़ पोस्टर, बैनर होर्डिंग तोड़े जाते रहे…तल्ली ताल से लेकर हनुमानगढ़ी के रास्ते से भी पालिका वालों ने सारे उखाड़ फेंके…भई अब इसमें पालिका वालों की कतई ग़लती नहीं…क्योंकि अपने पालिका वाले जो बड़े साहेब हैं न उनके आदेश पर करीब 20 होर्डिंग्स लगाने वाले संगठनों को नोटिस जारी किये थे…और 3 दिन के भीतर इनको हटा लेने को भी कहा था…लेकिन नहीं माने…आदेश…तो भुगतो…भी

अरे दाज्यू ये पालिका वाले भी न…कम नहीं ठहरे…जब न पर डंडा चलता है न तभी ये हरकत में आते हैं…ये तो हाईकोर्ट ठहरा अपना जो इन्हें ये साफ सफाई करनी पड़ी…क्योंकि मान.हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट से लेकर हनुमान गढ़ी तक होर्डिंग्स फ्री जोन घोषित कर दिया है न…और अब समझ आई मेरे… मान. सुप्रीम कोरट ने सड़क हादसों को देखते हुए फौरन राष्ट्रीय-राज्य मार्गों से होर्डिंग्स हटाने के निर्देश जारी किये थे…जिसके बाद पालिका वालों के पास एक्शन लेने के अलावा कोई चारा भी नहीं था…दाज्यू देखो एक बात तो साफ ठहरी…मतलब ये जो अपने पालिका वाले साहेब हैं न उन्हें मालूम था, कि सड़क किनारे जो अवैध होर्डिंग्स लगे हैं किसके हैं…और नहीं तो क्या…वरना वो उन लोगों को नोटिस ही क्यों भेजते…हूं…जे बात तो बिल्कुल सही कही…मतलब होर्डिंग्स से कमाई हो रही थी…हूं…खैर छोड़ो हमे क्या करना…पना शहर और ख़ूबसूरत दिखेगा…हमें तो इसकी खुशी मनानी चाहिए…है न…

अच्छा दाज्यू एक और बात बताऊ…हां-हां बता न … जो पालिका कर अधीक्षक हैं न लता आर्या बोल रहीं थीं, कि जो भी ख़र्चा आया है न इन होर्डिंग्स को हटाने में वो अब उन 20 लोगों से वसूला जायेगा…जिनको पालिका नोटिस भेजा था…अच्छा ऐसा बोला…मैडम जी ने..ओह…अब मै नाम बतांऊ उन 20 लोगों के जिन्होंने अपने ही शहर की खूबसरूरती का नाश किया ठहरा..हां-हां बता तो…

दाज्यू सब रसूख़ वाले हैं…अरे बता न हमें क्या लेना…वो अपनी सभासद हैं न सपना बिष्ट, नीतू बोरा… उनके हर्डिंग्स थे…अच्छा….और किसके थे… अरे वो अपने टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हैं न जोशी दा…अरे वो ही नीरज जोशी….इनके अलावा हारून ख़ान, महाबीर बिष्ट, ओमवीर सिंह, केएलआर्य के नाम थे उन नोटिस वाली लिस्ट मेंमतबल ये कि अपने ही शहर के लोग खूसूरती बिगाड़ रहे थे

दाज्यू सच में बहुत अफसोस की बात है…कब समझेंगे हम शहर वाले…कि अगर अपनी सुंदरता खो दी हमने तो हमारे पास जो सैलानी खिंचे चले आते हैं..न…धीरे-धीरे सब आना बंद कर देंगे…ज़रा सोंचिए…!          

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