नैनीताल #Haldwanilive उत्तराखंड हाईकोर्ट में सूखाताल जलभराव से संबधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। दरअसल शहर में ऑप्टीकल फाइवर केबल ठेकेदारों द्वारा सड़क पर मलवा जमा कर दिया गया था… इसी मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने जिलाधिकारी को इस मामले को देखने और इसे ठीक करनाने के निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने शहर में गंदगी के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को आदेश दिये कि 2 दिनों के भीतर सड़क से मलवा साफ हो जाना चाहिए…साथ ही हाईकोर्ट ने केबल बिछाने के काम पर 8 जनवरी तक रोक लगाने के आदेश भी दिये हैं। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति यू.सी.ध्यानी की खंडपीठ ने प्रशासन से कहा कि 24 घंटे वन-वे जैसा की ठोस प्लान अमल में लाया जाए…मालरोड की तरह…जहां शाम 6 से 8 बजे तक ट्रैफिक के लिए सिर्फ वन-वे सुविधा ही उपलब्ध रहती है…ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। इसके अलावा न्यायलय ने बाज़ारों और सड़कों पर व्यापारिक सामान के वाहनों के लिए भी वक्त मुकर्रर किया है…जो रात 9 बजे से लेकर सुबह 4-5 बजे तक होगा। व्यापारिक सामान लाने वाले ये वाहन इसी तय वक्त में अपना माल अनलोड यानी उतार सकेंगे। कोर्ट कमिश्नर सी डी बहुगुणा के इलाहबाद बैंक के पास 4 फीट तक अतिक्रमण होने के आरोप पर न्यायालय ने जिलाधिकारी नैनीताल , कोर्ट कमिश्नर के अलावा संबधित अधिवक्ताओं को बैठकर अतिक्रमण पर विचार-विर्मश कर इसका हल निकालने को भी कहा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने नो-पार्किंग जोन से गाड़ी हटाने में देरी पर जिले के कप्तान जन्मेजय खंडूड़ी ने न्यायलय को अपनी सफाई दी। एसएसपी ने न्यायल को बताया कि ये देरी कार उठाने वाली क्रेनों की वजह से हुई क्योंकि दोनों क्रेन कार उठाने में अक्षम हैं। बहरहाल अब इस मामले की सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

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