हल्द्वानी के मासूम और युवाओं में फैलता नशे का ज़हर...!
हल्द्वानी के मासूम और युवाओं में फैलता नशे का ज़हर…!

नैनीताल #HaldwaniLive #BolUttarakhandBol

सांस्कृतिक धरोहर से संपन्न हमारे अपने प्रदेश उत्तराखंड के युवा भटक रहे हैं। बहुत अजीब सा लगता है सुनने में…लेकिन सच तो यही है…पहाड़ी-मैदानी इलाकों के हमारे अपने बच्चे नशे की गिरफ्त में जकड़ते जा रहे हैं। मां-बाप परेशान हैं। घर में भाई-बहन डरे सहमें रहते हैं। और तो और अब पड़ोस के शर्माजी भी अजीब सी नज़रों से देखने लगे हैं। ये कहानी नहीं है…बल्कि हक़कीत बनती जा रही है, हमारे अपने राज्य में रहने वाले युवाओं और उनके परिवारों की।

राज्य के नौजवान नशे के शिकंजे में फंसते जा रहे हैं, लेकिन इस ख़तरनाक दीमक को जड़ से मिटाने के लिए न तो सरकार और न ही प्रशासन उस गति से काम कर रहा है, जैसे उसे करना चाहिए। पर हां पुलिस-प्रशासन के कुछ अधिकारी हैं, जो नशे के खिलाफ़ अकेले ही मोर्चा खोले हैं। नैनीताल पुलिस के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जितनी तारीफ की जाये कम है…इसी तरह अपने आस-पास के कुछ सामाजिक कार्यकर्ता भी इसे दूर करने में लगे हुये हैं।

रामनगर की एक ऐसी ही शख्सियत श्वेता मासीवाल, श्वेता वत्सल नाम से एक एनजीओ चलाती हैं। श्वेता लगातार अपने गैर सरकारी संगठन के जरिए नशे के खिलाफ़ आवाज़ उठा रही हैं। हाल ही में श्वेता ने नशे के ख़िलाफ़ #हाईकोर्ट में एक #जनहित-याचिका दायर की, जिसमें युवाओं में फैलते नशे पर रोक लगाने की अपील की गई।

नशे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाइये...!
नशे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाइये…!

नौजवानों में #नशे के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वाली श्वेता की अपील पर हाईकोर्ट ने फौरन संज्ञान लिया और शनिवार को सुनवाई की। नैनीताल हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके.बिष्ट और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए इसे राज्य के लिए बहुत ही गंभीर मामला बताया। और याचिकाकर्ता श्वेता से कहा कि, वो फौरन राज्य के सभी निजि विश्वविद्धालयों, जिलों के एसएसपी-एसपी और निदेशक विद्धालयी शिक्षा को इसमें पक्षकार बनाएं। राज्य के युवाओं में तेजी से बढ़ती नशे की आदत, मामले में हाईकोर्ट बेहद संजीदा दिखा। न्यायालय ने इस मामले में राज्य सरकार समेत पुलिसमहानिदेशक, ड्रग-कंट्रोलर,और केंद्र के अधीन काम करने बाले नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को 4 सप्ताह के अंदर जबाव देने को निर्देश दे दिया है।

जो जानकारी हाथ लगी है, उसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे…नशे की प्रवृति पर हई एक शोध रिपोर्ट के आंकड़े अपने हल्द्वानी की वो भयानक शक्ल वयां कर रहे हैं…जिस पर अगर वक्त रहते रोक न लगी तो आपके…मेरे और हां वो शर्मा जी का बेटा भी नशे की जद में आकर हम सबको…बर्वाद कर देगा। क्योंकि अपने हल्द्वानी में नशे का ज़हर 21 फीसदी नौजवानों की रगों में दौड़ रहा हैजिसका ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।

#HaldwaniLive आपसे अपील कर रहा है कि आप सभी नशे के खिलाफ़ जंग में उतरिये। हमारा अपना प्यारा हल्द्वानी नशे की आग में झुलस रहा है…जिसमें खत्म होंगे हमारे और आपके अपने… मासूम। क्योंकि जिन युवाओं का हम ज़िक्र कर रहे हैं उनकी उम्र पता है आपको…महज़ 14 से 30 साल । जबकि अपने हल्द्वानी से भी बुरा हाल है, अपनी राजधानी देहरादून में। दून में 33 फीसदी नौजवान नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं।

सच में ये सब सुनकर मन बेहद परेशान हो रहा है…कि आखिर सरकार कर क्या रही है…राज्य के युवा नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने एक अदद नशा उन्मुक्ति केंद्र तक नहीं बनाया…हल्द्वानी तो क्या राज्य में कहीं भी चले जाएं…नशे की खेप जहां चाहें वहां से खरीद लीजिए।

स्कूलों के समाने से निकलते हुए नज़र रखें ...!
स्कूलों के समाने से निकलते हुए नज़र रखें …!

आप मोदी को पसंद करते ठीक है अच्छी बात है…लेकिन अपने बच्चों को खोकर तो नहीं न…आप राहुल को पसंद करते हैं…लेकिन अपने लाडले की जान से ज्यादा तो नहीं न…क्योंकि आपके बुढ़ापे में यही सहारा होंगे…चाहें अच्छे या बुरे…आपके अपने यही होंगे…सोच क्या रहे हैं…राजनीति…पार्टी…धर्म…जाति सबको दरकिनार कर दीजिए…सबसे पहले अपने खूबसूरत हल्द्वानी को नशामुक्त करना है और फिर धीरे-धीरे दूसरे शहरों से भी नशे को उखाड़ फेंकना है…उसके बाद  कुछ और…              

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