उत्तराखंड के हल्द्वानी में पिछले 42 दिनों से लगातार चल रहे आंदोलन में कुछ ऐसा हुआ जिससे लोगों मे अफरातफरी मच गई। फीस माफी के लिए चल रहे आंदोलन में अपनी मांग न पूरी न होने से नाराज पार्षद रोहित कुमार, आंदोलन के स्थान से उठकर नैनीताल रोड स्थित जलसंस्थान की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। जिसकी ऊंचाई लगभग 60 फीट बताई जा रही है। हालांकि बात में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के आश्वासन पर जब लोग उन्हें नीचे उतारने गए। जिस दौरान मधुमक्खियों ने उन सभी पर हमला बोल दिया।

पानी की टंकी से पार्षद को बचाने पंहुचे तकरीबन 10 से ज्यादा लोगों को मधुमक्खियों ने अपना शिकार हो बना लिया। जिस वजह से सभी लोग घायल हो गए। मंगलवार की शाम को पार्षद बेस अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराकर आंदोलन में फिर से शरीक हुए। फिलहाल नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने पार्षद राजेंद्र सिंह जीना का अनशन समाप्त करा दिया। साथ ही पुलिस ने मंगलबार को देर शाम पार्षद सहित उनके छह अन्य लोगों और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।

नैनीताल में इस घटना के दौरान टंकी के सामने लोगों की भीड़ जमा होने की वजह से घंटों तक जाम लगा रहा। पार्षद के अलग – अलग तर्क से लगों में दहशह मची रही। वो कभी  हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते तो कभी टंकी से कूदकर जान देने की धमकियां देते नजर आए, साथ ही उन्होंने प्रशासन पर निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत का भी इल्जाम लगाया। जब नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने वहां जाकर पार्षद को ये यकीन दिलाया के उनके इस बात को सदन में उठाया जाएगा। उनकी बात पार्षद तक नहीं पहुंच पा रही थी जिस कारण उनके समर्थक उन्हें नीचे उतारने के लिए पानी के टंगी पर चढ़ गए और उनका हाथ मधुमक्खियों के छत्ते में लगा, जिस कारण मधुमक्खियों ने उन पर हमला बोल दिया।

नेता प्रतिपक्ष के कहने पर पार्षद रोहित ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया है। लेकिन उनका कहना है कि अभी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है अगर सरकार ने उनकी मांग पर काम नहीं किया तो वो आंदोलन फिर से चालू करेंगे। तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह चड्ढा ने इस मुद्दे पर हल निकालने का बात कही है। दूसरी तरफ जलसंस्थान के ईई विशाल सक्सेना ने इसे आम उपभोक्ताओं का दफ्तर बताते हुए जबरदस्ती पार्षद के पानी के टंकी पर चढ़ जाने से असहमती जताई है।

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