व्यापारियों ने “बेशर्मी की हद की पार”… जनिए कैसे !

2 साल ये व्यापारियों ने निगम की दुकानों का किराया नहीं किया “अदा” ( File ) 

हल्द्वानी #HaldwaniLive राम राम जपना – पराया माल अपना…अपने हल्द्वानी में भी कुछ ऐसा ही हाल है…सरकारी माल को शहर के लोग मुफ्त का माल समझते हैं…अगर अपने घर को या दुकान को किरये पर किसी को दे दें…और वो अगर क महीने का भी किराया देने में देरी कर दे तो बल…जीना हराम कर दें…और अगले महीने मकान-दुकान खाली करने की धमकी तक दे दें…मगर जब बारी अपनी आये तो बेशर्मी की सारी हदें पार कर जाएं…

हमारे अपने हल्द्वानी के तमाम व्यापारियों की बेशर्मी और ढिढाई को देखते हुए अपने नगर निगम को ही झुकना पड़ा है…दरअसल बेशर्मी इसलिए कहा, क्योंकि पिछले दो सालों से हमारे अपने नगर की दुकानों पर सालों से कब्ज़ा जमाये बैठे हैं व्यापारी…और जब निगम किराये की बात करता है, तो मुफ्त की करोड़ों की कीमत वाली दुकानों पर जबरन कब्जा जमाये बैठे यही व्यापारी निगम को ठेंगा दिखा देते हैं…

800 से अधिक दुकानदारों ने नहीं दिया निगम की “दुकानों का किराया”

निगम की दुकानों पर कब्ज़ा जमाये बैठे व्यापारियों की बेर्शमी की हालत ये है, कि पिछले दो सालों से निगम को इन दुकानों का किराया तक नहीं दिया गया है…जिसके चलते निगम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है…लेकिन व्यापारी हैं कि गांधी जी के बंदर की तरह आंखे मूंद कर निगम के तामाम आदेशों को दरकिनार करते रहे हैं…

लेकिन इस बार थकहारकर खुद ही निगम ने अपने बकायादार हेकड़ व्यापारी किरायेदारों पर मेहरवानी दिखाई है…जिसके चलते निगम ने पिछले दो सालों के उस किराये को 10 फीसदी छूट के साथ जमा करने की सहूलियत दे दी है…जिसे बड़ी बेर्शमाई से इन लोगों ने दो सालों से निगम को अदा ही नहीं किया है…दरअसल अपने हल्द्वानी नगर निगम में मंगलवार को कार्यकारिणी की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी…इसके अलावा दो और प्रस्तावों पर भी कार्यकारिणी की बैठक में स्वकृति मिली…कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने Haldwani शहर के मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने तीन प्रस्तावों पर मुहर लगाई…बैठक में सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र सिंह चौहान, कर निरीक्षक पूजा, पार्षद राजेंद्र अग्रवाल, शांति देवी, मनोज गुप्ता, दिनेष बिष्ट भी मौजूद थे…बैठक में… 

साल 2016-17 और 2017-18 में निगम की दुकानों पर कब्ज़ा जमाये और पिछले 2 सालों से किराया न देने वाले व्यापारियों से किराया वसूलने के लिए इन सभी को निगम ने रियायत दी है…जिसके तहत दो साल से निगम की दुकानों का किराया दबाये बैठे सभी व्यापारियों को 28 फरवरी तक अपना किराया जमा करना होगा…जिसमें 10 फीसदी छूट मिलेगी…

सच में बड़े ही ताज्जुब की बात है…न…कि निगम को अपनी ही दुकानों का किराया वसूलने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं…आपको बताएं कि अपने हल्द्वानी में निगम की 1176 दुकानें हैं…और हैरानी तो इस बात की हो रही है…कि इनमें से आधे से अधिक यानी करीब 600 दुकान मालिकों ने निगम को किराया अदा नहीं किया है…यानि ( हल्द्वानी निगम के बकायेदार “दुकान पर कब्जा जमाये व्यापारी ) मतलब ये कि जब शहर में कहीं गंदगी नज़र आती है, या बरसात में नालों से बदबू वाला पानी उफान मारता है तो यही वकायेदार किरायेदार निगम को गालियां देते हैं…अरे भाई जब निगम की दुकानों में कब्ज़ा जमाकर उनका किराया भी नहीं दोगे…तो फिर निगम पर उंगली उठाने के भी तो हक़दार आप नहीं न…

और तो और व्यापारियों के इस गैर-ज़िम्मेदाराना रवैय्ये के चलते निगम ने एडवांस में ही साल 2018-19 का किराया भी छूट के साथ जमा कराने की सहूलियत दी है…जिसके तहत अब व्यापारी 2018-19 का किराये में भी 10 फीसदी की छूट पाएंगे और इसे 30 जून तक जमा कर सकेंगे…

मतलब ये कि निगम ने उन बकायेदारों को छूट दी है…जो बाज़ार की दुकानों से भी बेहद कम या यूं कहें कि नामभर को मामूली किराया…निगम को अदा करते हैं…उन लोगों को उस नामभर की रकम पर भी छूट…बेहद ताज्जुब की बात है कि हमारे नगर में व्यापारियों का एक ऐसा तबका भी रहता है जो निगम के किराये की चोरी करता है…सच में अगर ज़रा भी शर्म बची है और आप निगम की दुकान में बिना किराये के कब्ज़ा जमाये बैठे हैं…तो फौरन रकम जमा करें…ताकि हमारे शहर की साफ-सफाई से लेकर तामाम दूसरी व्यवस्थाों पर निगम के पास आर्थिक व्यवस्था का रोना न हो…!…कम से कम कुछ तो फर्ज अदा कीजिए…शहर के लिए…! 

Share, Likes & Subscribe

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *