रहस्मयी परिस्थिति में MBPG कॉलेज छात्रा ज्योति की मौत
रहस्मयी परिस्थिति में MBPG कॉलेज छात्रा ज्योति की मौत!

हल्द्वानी #HaldwaniLive #BolHaldwaniBol

शहर में एमबीपीजी कॉलेज की छात्रा की रहस्मयी परिस्थिति में लाश मिलने से शहरभर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म रहा। दरअसल जिस लड़की की लाश मिली वो और कोई नहीं, अपने ही कठघरिया डिफेंस कॉलोनी के निवासी परमानंद पाठक जी की बेटी ज्योति थी। 24 साल की ज्योति की लाश एक वॉटर टैंक से मिली।

ज्योति #MBPGCOLLEGE #एमबीपीजी कॉलेज से एमए की पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई के साथ-साथ ज्योति #पनियाली में एक #गत्ताफैक्ट्री में नौकरी भी कर रही थी। ये फैक्ट्री बजूनिया हल्दू के रहने वाले दिनेश सुयाल की है। जिसमें मिठाई और केक के डिब्बे बनते हैं। जो जानकारी मिली उसके मुताबिक शनिवार करीब 2 बजे रोजाना की तरह फैक्ट्री में लंच का वक्त हो चुका था। फैक्ट्री के कर्मचारियों के मुताबिक लंच टाइम में ज्योति अपने साथियों से फैक्ट्री के पीछे बने बाथरूम की तरफ जाने की बात बोलकर चली गई। लेकिन कुछ ही सेंकंड बाद फैक्ट्री के लोगों ने छपाक की आवाज़ सुनी…लेकिन फैक्ट्री के कर्मचारियों ने इस आवाज़ को अनसुना कर दिया।

कुछ ही देर बाद फैक्ट्री में फोरमैन के पद पर तैनात चंद्रपाल उस जगह से गुज़रा जहां से छपाक की आवाज़ आई थी। तो जो कुछ उसने वहां देखा…से देखकर उसके होश उड़ गये। ज्योति पानी से भरे टैंक में पडडी हुई थी। टैंक में करीब 7 फुट की गहराई तक पानी भरा हुआ था। ये सब देखकर चंद्रपाल ने फौरन साथियों को आवाज़ लगाई…जिसे सुनकर सब लोग दौड़े चले आये। इसके बाद फऔरन इन लोगों ने ज्योति को किसी तरह पानी के टैंक से बाहर निकाला। ज्योति के साथी उसे फौरन सेंट्रल अस्पताल ले गये…लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

फैक्ट्री मालिक की पहली लापरवाही और टैंक की हक़ीकत

जिस टैंक में डूबकर ज्योति की मौत होना बताया गया वो करीब 8 फीट गहरा है…पानी के इस टैंक के ज़रिए फैक्ट्री में पानी की सप्लाई होती है…साथ ही गत्ता बनाने के दौरान जो भी गंदा पानी और कटिंग निकलती थी वो सब इसी टैंक में गिरती थी.जिससे टैंक में दलदल सी जम गई थी…जो साफ इशारा कर रही थी कि टैंक की सफाई की ओर फैक्ट्री मालिक की ओर से कोताही बरती जा रही थी।

फैक्ट्री मालिक की दूसरी सबसे बड़ी लापरवाही

ये वो लापरवाही है जिसके चलते हर वक्त फैक्ट्री के कर्मचारियों की जान जाने का ख़तरा हर वक्त बना रहता है. दरअसल फैक्ट्री के कर्चारियों के प्रसाधन के लिए फैक्ट्री में 3 बाथरूम तो बनाये गये…लेकिन टैंक की दीवार से सटाकर…हैरानी की बात तो ये है, कि दो #Toilets तक पहुंचने का रास्ता…कर्मचारियों को 8 फीट गहरे खुले पानी के टैंक को लांघकर या फिर दीवार से सटकर तय करना पड़ता था। फैक्टरी में काम करने वाली ज्योति की साथी चद्रा और मोनिका के मुताबिक जो तीसरी बाथरूम था वो बेहद गंदा रहता है…जिसके चलते ज्योति अक्सर दीवार से सटकर टैंक पार करती थी और फिर बाथरूम तक पहुंचती थी…और दूसरे लोग भी से ही वहां तक पहुंचते थे।

यानी फैक्ट्री मालिक दिनेश सुयाल लोगों से भरपूर काम तो ले रहा था लेकिन उनके लिए एक फैक्ट्री में जो सुविधाएं होनी चाहिए थीं उन्हें दिनेश ने ताक़ पर रख दिया था।

ज्योति की रहस्मयी मौत में पेंच

चाचा ने फैक्ट्री मालिक पर लगाया शारीरिक शोषण का आरोप!
चाचा ने फैक्ट्री मालिक पर लगाया शारीरिक शोषण का आरोप!

ज्योति के घरवालों के मुताबित ज्योति पानी के टैंक में फिसलकर नहीं गिरी…बल्कि उसे 7 फीट गहरे टैंक में खुद फैक्ट्री मालिक दिनेश सुयाल ने फेंका…ज्योति के चाचा ने चौकाने वाला खुलासा किया…चाचा डूंगरदेव पाठक के मुताबिक…फैक्टी मालिक दिनेश सुयाल और दूसरे कर्मचारी उनकी भतीजी का शारीरिक शोषण किया. और ये मामला सबके सामने आ जाने के डर से इन सबने मिलकर ज्योति को पानी के गहरे टैंक में फेंक दिया। ज्योति के चाचा ने ये भी बताया कि घटना के वक्त ज्योति की जैकेट और चप्पलें निकली हुई मिलीं…

पुलिस की थ्यौरी

मौके पर पहुंची पुलिस की माने तो प्रथमदृष्ट्या ज्योति की मौत फैक्ट्री मालिक की लापरवाही के चलते टैंक में फिसलकर गिरने से हुई है.पुलिस का कहना है कि ज्योति के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। मामले की जांच में लगे आईओ का कहना है फैक्टरी मालिक दिनेश सुयाल के खिलाफ़ कार्रवाई शुरू कर दी गई है…और जांच पूरी होने तक मालिक दिनेश को फऐक्ट्री बंद रखने के आदेश दे दिये गये हैं। वहीं अब इस मामले में  लेबर डापार्टमेंट की तरफ से भी  फैक्ट्री मालिक दिनेश सुयाल पर कार्रवाई होना तय है, क्योंकि फैक्ट्री कर्मचारियों को सुविधाएं मुहैय्या न करवाने पर यही विभाग एक्शन लेता है।

 

Share, Likes & Subscribe