#HalddwaniLive भारत की पहली महिला फोटोग्राफर के नाम से मशहूर होमी व्यारावाला को गूगल ने डूडल बनाकर सम्मानित किया है। Google ने होमी के 104 वीं सालगिरह के मौके पर उन्हें #फर्स्टलेडीऑफदलेंस के ख़िताब से नवाज़ा है। होमी के कैमरे से क्लिक हुई तस्वीरों ने दुनियाभर में शोहरत बटोरी।

भारत की पहली महिला Photographer के नाम से मशहूर हुई Homai Vyarawalla का जन्म सन् 1913 में गुजरात के एक पारसी परिवार में  हुआ था। होमी की पढ़ाई बॉम्बे यूनिवर्सिटी हुई। जिसके बाद उन्होंने फोटोग्राफी के शौक को अपने करियर के तौर पर  चुना और बंबई में ही कैमरे से तस्वीरों को कैप्चर करना शुरू कर दिया…और इसी के बाद होमी व्यारावाला एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर बन गईं। होमी ने बांबे की ही इल्यूस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया में काम करना शुरू किया। इस दौरान उनके कैमरे से क्लिक हुई तमाम रंगीन और ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीरें भी प्रकाशित हुईं।

सन् 1942 में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान होमी ने दिल्ली के ब्रिटिश इनफॉरमेशन सर्विस में नौकरी कर ली। होमी की जिंदगी में 13 नंबर का जुड़ाव कई बार देखने को मिला। दरअसल 13 नंबर होमी के जन्म के साल से ताल्लुक रखता था। होमी व्यारावाला की खींची तस्वीरें डालडा 13 में भी प्रकाशित हुईं। जब वो महज 13 साल की थीं तो उनकी मुलाकात अपने पति से हुई और उनकी कार का रजिस्ट्रेशन नंबर भी DLD 13 ही था।

पति की मौत से आहत होमी ने उनकी मौत के एक साल बाद सन् 1973 में फोटोग्राफी के शौक अलविदा कह दिया। इसके बाद होमी एक बार फिर अपनी राज्य यानी गुजरात वापस आईं और वडोदरा में अकेले ही रहने लगीं। 1989 में उनके बेटे की भी मौत हो गई। सन् 2010 में भारत सरकार ने Homai Vyarawalla को पद्म विभूषण से विभूषित किया ।15 जनवरी सन् 2012 को भारत की First Women Journalist होमी व्यारावाला ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिनउ उनके 104 वें जन्मदिन के मौके पर Google ने उन्हें जिस तरह से सम्मानित किया वो वाकई काबिले तारीफ है।

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