हल्द्वानी-लाइव लोकसभा चुनाव में वोटगीरी ज़रूर करें । क्या आप जानते हैं कि देश के नेत्रहीन दिव्यांग वोटर कैसे करेंगे वोटगीरी ?

दरअसल इसी मकसद से नेत्रहीन दिव्यांग वोटर्स के लिए देश में खास तरह के बैलेट पेपर्स तैयार किये जा रहे हैं। ये बेहतरीन तैयारी कर रहा है, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित एनआईवीएच NIVH यानि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ विज़ुअली हैंडीकैप्ड। जो उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के नेत्रहीन मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि में बैलेट पेपर की छपाई कर रहा है।

आपको बता दें कि देशभर में करीब 43 लाख नेत्रहीन वोटर्स हैं। और ये सभी अपने अपने क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव में वोटगीरी कर सकें, इसके लिए ब्रेल लिपि वाले बैलेट पेपर की तैयारी का काम ज़ोरों पर हैं। ऊपर बताये गये सभी पांच राज्यों के चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारी अपने अपने राज्य के दृष्टिहीन वोटरों के लिए देहरादून स्थित NIVH में ब्रेल लिपि वाले मतपत्रों की छपाई करवाने के लिए पहुंच रहे हैं।

इसके अलावा चुनाव आयोग ने भी नेत्रहीन वोटर्स की वोटगीरी का खास ख्याल रखा है। नेत्रहीन वोटरों के लिए खासतौर पर मताधिकार का उपयोग करने के लिए ईवीएम EVM मशीन में भी ब्रेल सिस्टम को इनबिल्ट किया गया है। और अलग से ब्रेल बैलेट पेपर का भी ऑप्शन।


ब्रेल लिपि है क्या ?

दरअसल ब्रेल लिपि एक तरह की खुरदुरी उभरी हुई खास तौर पर नेत्रहीन दिव्यांगों के लिए बनाई गई लिपि है। जिसके उभरेपन यानि कि बिंदु नुमा पर अपनी उंगलियों से पहचानकर या छूकर नेत्रहीन दिव्यांग अक्षरों को पहचान लेते हैं।

ब्रेल बैलेट पेपर की छपाई में किसी भी तरह की ग़लती से बचने के लिए हर राज्य के डिसेबल्ड कमिश्नर इनको सावधानी से चेक भी करवा रहे हैं। देश के दक्षिण और मध्य भारतीय राज्यों के नेत्रहीन वोटरों के लिए चेन्नई और मुंबई में भी ब्रेल बैलेट पेपर की छपाई का काम चल रहा है। ताकि देश के सभी राज्यों के करीब 43 लाख नेत्रहीन वोटर वोटगीरी कर लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सेदारी निभा सकें।

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