हल्द्वानी #HaldwaniLive अगर आप दवाई ख़रीदने निकले हैं तो रहें रहे सावधान…क्योंकि हल्द्वानी के तमाम इलाकों में दवाई विक्रेता मरीज़ों की ज़िदगी से खिलवाड़ करने पर आमादा हैं…जी हां हमारे अपने ही शहर के लोग … वो लोग जिन पर हम ओर आंख-मूंद कर भरोसा करते हैं…वो ही मेडिकल स्टोर्स वाले भाई साहब…तो किसी के लिए अंकल जी…दवाईयों के नाम पर ऐसी खुराक बेंच रहे हैं जिनसे मरीज स्वस्थ होने के बजाय मौत के आगोश में भी जा सकता है।

दरअसल इस सब का खुलासा तब हुआ, जब ड्रग और पुलिस महकमें ने एक साथ दवाई बेंचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की। तो दुकानों से जो दवाईयां अधिकारियों को ली उन्हें देखकर वो सकते में रह गये। छापेमारी के दौरान मिली ये Medicine वो दवाईयां थीं…जिनकी ब्रक्री और असर की मियाद यानी तारीख़ खत्म हो चुकी थी। और तो और दुकानों से वो दवाईयां भी बरामद हुई जो बाज़ार में खुले तौर पर नहीं बिक सकतीं यानी जो दवाई प्रतिबंधित हैं वो भी इन दुकानों पर खुलेआम बेंची जा रहीं थीं।

शहर में चल रहे मेडिकल स्टोर्स पर लापरवाही इतनी कि जब वनभूलपुरा इलाके में एक मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी टीम पहुंची तो न तो दुकान पर दुकान-मालिक था और न ही कोई फॉर्मासिस्ट। घोर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के चलते छापेमारी कर ररहीं ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट ने तत्काल एक्शन लिया। और मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की। छापेमारी टीम को हमारे शहर की करीब 6 मेडिकल स्टोर्स ऐसे मिले जो मानकों का उल्लंघन कर रहे थे। इस छापेमारी से शहर के मेडिकल व्यवसायियों में हडकंप मच गया।

छापेमारी के दौरान हमारे अपने शहर के हमारे अपनों की जिंदगी से  खिलवाड़ करने वाले ये 6 मेडिकल स्टोर्स हैं…

मदीना मेडिकल स्टोर, छोटी रोड, वनभूलपुरा         

अब्दुल सलाम मेडिकल स्टोर, वनभूलपुरा

हिमांशु मेडिकल स्टोर, वनभूलपुरा

एन-मेडिकल स्टोर, वनभूलपुरा

जी-मेडिकोज, वनभूलपुरा –सी

इंडिया मेडिकल स्टोर, इंद्रानगर

छापेमारी के दौरान हुए खुलासे चौंकाने वाले थे। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव के मातबिक पुलिस को वनभूलपुरा इलाके के इन दवाई विक्रेताओं के ख़िलाफ़ लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। गंभीरता को देखते हुए इन दवा विक्रेताओं पर फौरन कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई तो शिकायत को सही पाया गया। तो वहीं जिला ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट ने खुलासा कि किया जिन मेडिकल स्टोर्स पर  छापेमारी की कार्रवाई की गई उनमें भारी अनियमितताएं पाई गईं। मसलन किसी मेडकल स्टोर में Medicine रखने के लिए फ्रिज नहीं था तो कहीं Expire Medicine रखने के लिए उचित व्यवस्था तक नहीं थी। ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर ये सभी मेडिकल स्टोर्स दवाईयां बेंच रहे थे। अब इन सभी को 5 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। वहीं इनमें से एक मदीना मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।

 

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