नौकरशाह की अपील पर सरकार की फ़जीहत..!

तबादले के ख़िलाफ़ पीसीएस अधिकारी "श्रीश कुमार" पहुंचे हाईकोर्ट
तबादले के ख़िलाफ़ पीसीएस अधिकारी “श्रीश कुमार” पहुंचे हाईकोर्ट

नैनीताल #BolUttarakhandBol अपने उत्तराखंड राज्य की दिशा और दशा दिन दूनी रात चौगनी के हिसाब से दिशाहीन होती जा रही है…सरकार वो सब नहीं कर पा रही है, जिसके लिए जनता जनार्दन ने उसे सत्ता पर क़ाबिज़ करवाया…

दरअसल अपने राज्य की वर्तमान सरकार न तौ ठीक से फैसले ले पा रही है और न ही राज्य को विकास की गति दे पा रही है…हैरानी होती है कि देश के प्रधानमंत्री मोदी विकास के लिए पुरज़ोर कोशिश करने में जुटे हैं…लेकिन उनकी राज्य सरकार विकास को गति देने के वजाय अपनी चाहतों को तबज्ज़ो देने पर आमादा है…और ऐसे निर्णय कर रही है कि राज्य की नौकरशाही में आक्रोश पनप रहा है…

आपको बताएं ये जो सरकार होती है, उसे न तो मुख्यंत्री चलाते हैं…और न ही मंत्री…सरकार चलाते हैं ब्यूरोक्रेट्स यानी नौकरशाह …और जब किसी राज्य को चलाने वाले नौकरशाहों में आक्रोश पनप जाये तो समझ लीजिए कि विकास की गति सरकार के लाख चाहने के बावजूद भी गतिमान नहीं हो सकती।

दरअसल ये स्थिति सरकार बनने के बाद से ही राज्य में पनप चुकी थी, लेकिन हाल ही में करीब 20 पीसीएस #UttarakhandPCS अधिकारियों की तबादला लिस्ट ने, इसे आम जनता के सामने भी जग जाहिर कर दिया…अपने चहेतों को उनकी योग्यता का स्तर कम होने के बाद भी ऊंचे औहदों पर विराजमान कर दिया…जबकि कई सीनियर अधिकारियों को उनकी काबलियत से भी कम पदों पर तबादला कर, उनको उन्हीं के जूनियर अधिकारियों की नज़रों में भी नीचा दिखा दिया…   सरकार के इस अजीबो गरीब तबादला लिस्ट के फरमान के जारी होते ही सरकार की तबादला लिस्ट के ख़िलाफ़ नैनीताल हाईकोर्ट में अपील होना शुरू हो गई है…

मामला ज़िला विकास प्राधिकरण सचिव पद को लेकर सामने आया है…दरअसल पीसीएस अधिकारी श्रीश कुमार जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण सचिव नैनीताल पर तैनात थे…लेकिन उनका ट्रांसफर डिप्टी कलेक्टर के पद पर चमोली कर दिया गया…और उनके स्थान पर पीसीएस अधिकारी हरवीर सिंह जोकि अपर जिलाधिकारी ( प्रशासन ) नैनीताल और एमएनए हल्द्वानी थे उन्हें जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण सचिव नैनीताल का पद दे दिया गया… शासन के इस तबादला आदेश के फौरन बाद आदेश के ख़िलाफ़ पीसीएस अधिकारी श्रीश कुमार ने हाईकोर्ट की शरण ली…दरअसल ये सब माजरा हुआ जूनियर और सीनियरटी के कारण…शासन ने अपने तबादला आदेश में इन दोनों ही बातों का ख्याल नहीं रखा था…

तबादला आदेश के मिलते ही 11 जनवरी को #एडीएमहरवीरसिंह ने सचिव पद का कार्यभार संभाल लिया था…लेकिन इस पद पर पहले से ही तैनात शासन के आदेश के खिलाफ़ #श्रीशकुमार के हाईकोर्ट में जाने से मामला गरमा गया…जिला विकास प्राधिकरण सचिव पद को लेकर हाईकोर्ट ने यथास्थिति हनाये रखने का आदेश जारी कर दिया…जैसे ही पीसीएस अधिकारी के पक्ष में मा. हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुनाया…सरकार की फजीहत हो गई…ये फ़जीहत तब और बढ़ गई जब श्रीश कुमार प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे…क्योंकि तबादला आदेश के बाद एडीएम हरवीर सिंह ने सचिव पद का कार्यभार संभाल लिया था…लेकिन हाईकोर्ट के याथास्थिति के आदेश के बाद अब तक शासन की ओर से की भी आदेश जारी नहीं किया गया…

वहीं श्रीश कुमार के अधिवक्ता का कहना है कि तबादले के श्रीश कुमार ने अपना पदभार एडीएम हरवीर सिंह को सौंपा ही नहीं था…बल्कि वो तो छुट्टी यानि अवकाश पर थे…ऐसे में वो ही सचिव हैं…वहीं दूसरी ओर सरकार के अधिवक्ता की मानें तो कोर्ट ने यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया…क्योंकि हरवीर सिंह ने सचिव पद का कार्यभार संभाल लिया था…इसलिए पीसीएस हरवीर सिंह ही सचिव पद पर बने रहेंगे…

वहीं इस पूरे मामले पर सरकार की फजीहत होनी शुरू हो चुकी है…बहरहाल अब 29 जनवरी को इस मामले पर हाईकोर्ट में दोवारा सुनवाई होगी…हाईकोर्ट ने सचिव पद पर यथास्थिति का आदेश देने के साथ ही…सरकार से भी जबाब तलब किया है…तो वहीं एडीएम हरवीर सिंह को भी नोटिस जारी किया है…

ये पूरा प्रकरण साफ दर्शाता है कि राज्य में विकास के बारे में सरकार कितना संवेदनशील है…जो वाकई चिंता का विषय है…           

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